भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अध्ययन में ड्रोन तकनीक को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अध्ययन के अनुसार ड्रोन की मदद से टीबी जांच के लिए नमूने पहुंचाने का समय काफी कम हुआ है। इस तकनीक से जांच प्रक्रिया पहले की तुलना में दो-तिहाई तक तेज हो गई है। ड्रोन के इस्तेमाल से दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है। टीबी मरीजों की समय पर पहचान और इलाज शुरू करने में यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में ड्रोन आधारित सेवाओं को भविष्य की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ICMR ने इस तकनीक की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया है। इससे ग्रामीण और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। तेज जांच प्रक्रिया से टीबी नियंत्रण अभियान को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह पहल भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Source: Source