भारत दशकों में पहली बार अपनी सीमा सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रहा है। नई प्रणाली पारंपरिक बल-केंद्रित मॉडल की जगह तकनीक आधारित बहु-स्तरीय सुरक्षा ढांचे पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य सीमाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना है। इस मॉडल में विभिन्न स्तरों पर सुरक्षा एजेंसियों और उन्नत तकनीकों का समन्वय किया जाएगा। निगरानी के लिए आधुनिक सेंसर, ड्रोन, कैमरे और अन्य डिजिटल प्रणालियों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। इससे सीमा पर गतिविधियों का वास्तविक समय में पता लगाना आसान होगा। नई व्यवस्था घुसपैठ, तस्करी और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने में मदद करेगी। सीमा प्रबंधन में त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता बढ़ाना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। सरकार इसे सीमा सुरक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। नई प्रणाली से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।
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