बिलासपुर जिले के मरवाही वनमंडल में हुए एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। विभागीय जांच में यह पुष्टि हुई है कि फर्जी प्रमाणपत्र और जाली हस्ताक्षर तैयार कर शासन को 8.14 लाख रुपये का चूना लगाया गया है। इस मामले में उप वनमंडलाधिकारी, बिलासपुर द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में तत्कालीन परिक्षेत्र अधिकारी मरवाही रमेश खैरवार और कैम्पा शाखा प्रभारी (व्यय-2) भूपेन्द्र कुमार साहू को प्रथमदृष्ट्या दोषी पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर अब इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए विभाग ने भविष्य में भी ऐसी अनियमितताओं पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस घोटाले में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। दोषी पाए गए अधिकारियों पर विभागीय नियमों के तहत भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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