ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्वींसलैंड में रहने वाला एक आदिवासी समुदाय बेहद अनोखी भाषा बोलता है। इस भाषा में ‘बाएं’ और ‘दाएं’ जैसे दिशा संबंधी शब्द मौजूद नहीं हैं। इसके बजाय लोग केवल उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम का उपयोग करते हैं। दैनिक बातचीत में भी हर दिशा का उल्लेख इन्हीं चार प्रमुख दिशाओं के आधार पर किया जाता है। इस कारण समुदाय के लोगों में दिशा पहचानने की क्षमता बेहद मजबूत मानी जाती है। वे बिना किसी उपकरण के भी अपनी स्थिति और दिशा का सटीक अनुमान लगा सकते हैं। भाषा और संस्कृति का यह अनूठा मेल शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा सोचने और दुनिया को समझने के तरीके को प्रभावित करती है। यह समुदाय पीढ़ियों से इसी परंपरा का पालन करता आ रहा है। उनकी भाषा प्रकृति और पर्यावरण से गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। यह अनोखी भाषाई व्यवस्था दुनिया की सबसे रोचक सांस्कृतिक विशेषताओं में गिनी जाती है। इस समुदाय की भाषा भाषाविज्ञान और मानव संस्कृति के अध्ययन में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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