बालोद जिला न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी रमेश उर्फ अश्वनी उर्फ प्रदीप वर्मा को दोषी ठहराया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने इस अपराध के लिए एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत आरोपी को 5 वर्ष और धारा 87 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास की भी सजा दी गई। इन धाराओं में भी एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने पीड़िता को शारीरिक और मानसिक क्षति के लिए 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने की अनुशंसा की है। अभियोजन के अनुसार 31 अगस्त 2024 को नाबालिग अपने घर से बिना बताए चली गई थी। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसे बरामद किया। पीड़िता के बयान के आधार पर विभिन्न धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।
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