अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा बदलाव हुआ है। हाल ही में हुए दान चोरी विवाद के बाद, ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं, जिसके चलते वे अब ट्रस्ट की सदस्यता से मुक्त हो गए हैं। उनकी जगह पूर्व भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी कृष्ण मोहन को फिलहाल अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक इस मायने में बेहद महत्वपूर्ण है कि इसमें स्थायी महासचिव की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। ट्रस्ट इस बैठक के माध्यम से मंदिर प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने की योजना बना रहा है। दान प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई नीतियां भी तैयार की जा सकती हैं। ट्रस्ट के सभी सदस्य इस बैठक में भाग लेंगे और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। मंदिर की पवित्रता और संचालन व्यवस्था को मजबूत करना इस समय ट्रस्ट की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में प्रशासनिक फेरबदल के साथ ही मंदिर से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
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