चीन ने पश्चिमी प्रशांत महासागर में परमाणु ऊर्जा से संचालित नौसैनिक पनडुब्बी से मिसाइल परीक्षण किया है। अधिकारियों के अनुसार यह नियमित सैन्य परीक्षण का हिस्सा था और किसी पड़ोसी देश को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं किया गया। इस परीक्षण ने चीन की समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को प्रदर्शित किया है। माना जा रहा है कि इससे उसकी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता और मजबूत हुई है। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में सैन्य अभ्यास तेज़ी से चल रहे हैं। परीक्षण से पहले न्यूज़ीलैंड को इसकी सूचना दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इसी दौरान ऑस्ट्रेलिया और फिजी ने एक नए सैन्य सहयोग समझौते की घोषणा की है। क्षेत्रीय सुरक्षा और सामरिक संतुलन को लेकर इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
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