पठानकोट में पिछले वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क पुल का निर्माण पूरा होने के बाद इसे यातायात के लिए खोल दिया गया है। पुल के शुरू होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, रेलवे पुल और नए सड़क पुल के बीच नदी से कथित तौर पर निर्माण सामग्री निकाले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोकलैंड मशीनों से बड़े पैमाने पर नदी से सामग्री निकाली जा रही है। उनका मानना है कि इससे नदी का तल और गहरा हो सकता है। लोगों को आशंका है कि आगामी बरसात में इससे दोनों पुलों की नींव प्रभावित हो सकती है। पिछले साल की भीषण बाढ़ में सड़क और रेलवे दोनों पुलों को नुकसान पहुंचा था। रेलवे पुल की मरम्मत का कार्य अभी भी जारी है। स्थानीय नागरिकों ने खनन की अनुमति और सामग्री के स्रोत पर भी सवाल उठाए हैं। माइनिंग अधिकारी सिमरप्रीत संधू ने कहा कि नदी के भीतर खनन की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि अवैध खनन की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन मामले की जांच कर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
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