पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के शिक्षकों ने यूनिफाइड एक्ट का विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह प्रस्तावित कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है। शिक्षकों ने इसे उच्च शिक्षा प्रणाली के लिए चुनौतीपूर्ण बदलाव बताया है। वहीं सरकार का कहना है कि यह सुधार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस कदम से प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी। साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों में बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसे लंबे समय से लंबित शैक्षणिक सुधार का हिस्सा बताया है। शिक्षकों और प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। विश्वविद्यालय समुदाय में इस प्रस्ताव को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। आगे की बातचीत के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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