एसेंशन द्वीप, जो कभी एक वीरान ज्वालामुखीय चट्टान था, 19वीं सदी में एक अनोखे पारिस्थितिक प्रयोग के जरिए हरे-भरे क्लाउड फॉरेस्ट में बदल गया। 1843 में ब्रिटिश योजनाकारों ने सैन्य अड्डे के लिए पानी की कमी को दूर करने के उद्देश्य से यहां विदेशी पेड़ लगाए थे। इस प्रयोग के तहत ग्रीन माउंटेन क्षेत्र में धीरे-धीरे एक नया कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ। समय के साथ यह क्षेत्र घने वन और बादलों से ढकी जलवायु में बदल गया। यह परियोजना मानव हस्तक्षेप से पर्यावरण में आए बड़े बदलाव का उदाहरण बन गई। आज यह स्थान वैज्ञानिकों के लिए जलवायु परिवर्तन और संरक्षण अध्ययन का महत्वपूर्ण केस स्टडी है। शोधकर्ता इसे मानव-निर्मित पारिस्थितिकी तंत्र का अनोखा मॉडल मानते हैं। यहां का बदलाव दिखाता है कि सही परिस्थितियों में प्रकृति और मानव प्रयास मिलकर बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। यह क्षेत्र अब जैव विविधता और पर्यावरणीय अनुसंधान का केंद्र बन चुका है। यह कहानी पर्यावरणीय इंजीनियरिंग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है।
Source: Source