पंजाब में लंबित मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों का आक्रोश चरम पर है। संगरूर में प्रदर्शनकारी बिजली कर्मियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कोठी का घेराव कर सरकार और पावरकॉम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार लिखित समझौतों को लागू करने में आनाकानी कर रही है और उन पर बिना किसी स्पष्ट नीति के ‘मोबाइल सिस्टम’ थोप रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह उनकी निजता का उल्लंघन है और सरकार अपने मंत्रियों के विवादों से ध्यान भटकाने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बना रही है। कर्मचारी नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि 2 जुलाई को वित्त मंत्री के साथ होने वाली बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। आंदोलन के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 1 जुलाई से ‘वर्क टू रूल’ शुरू होगा, 17 जुलाई को मोहाली में महारैली होगी और 21-22 जुलाई को सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाकर पूरे पंजाब में ब्लैकआउट कर देंगे। इस प्रदर्शन में 16 प्रमुख बिजली कर्मचारी संगठन शामिल हैं, जिन्होंने सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
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