जगराओं में बिजली की भारी किल्लत के चलते किसानों का धैर्य जवाब दे गया है। रविवार को सोहिया और चौकीमान गांव के किसानों ने सिद्धवां बेट रोड स्थित एक्सीयन (XEN) दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर घेराव किया। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा 8 घंटे बिजली आपूर्ति के किए गए दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें मुश्किल से 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। धान की रोपाई और सिंचाई के इस महत्वपूर्ण समय में बिजली न मिलने से फसलें सूखने के कगार पर हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से बिजली का कोई तय शेड्यूल नहीं है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर किसी वरिष्ठ अधिकारी के न होने पर किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। बाद में फोन पर एक्सीयन से हुई बातचीत और भविष्य में 6 से 8 घंटे की नियमित आपूर्ति के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया। भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के नेताओं ने इस दौरान रसोई गैस की आपूर्ति और महंगाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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