अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर छिड़े विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर करारा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के लिए ‘नेशन फर्स्ट’ का नारा महज दिखावा है और असल में उनके लिए ‘डोनेशन फर्स्ट’ (दान पहले) की नीति है। उन्होंने मंदिर में चढ़ावे की चोरी और सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के आरोपों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को घेरा। अखिलेश ने इस मामले में गंभीर जांच की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने सपा के शासनकाल को याद दिलाते हुए कहा कि जिन लोगों ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, उन्हें इस तरह के पवित्र विषयों पर बात करने का कोई अधिकार नहीं है। इस बयानबाजी से प्रदेश में धार्मिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज हो गया है। राम मंदिर के प्रबंधन और चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों ने एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें विपक्ष सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बता रहा है।
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