भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर किसान संगठनों में गहरा आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने इसे किसानों के लिए विनाशकारी बताया है। उन्होंने देशभर के किसान संगठनों से आग्रह किया है कि वे आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आएं। चढूनी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज किया तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। ट्रेड डील से भारतीय बाजार में विदेशी कृषि उत्पादों के आने से छोटे किसानों के बर्बाद होने की आशंका है। इस मुद्दे पर चंडीगढ़ में विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में सभी संगठनों ने प्रस्तावित डील के खिलाफ संयुक्त संघर्ष चलाने पर सहमति व्यक्त की है। आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए अगली बैठक एक जुलाई को बुलाई गई है। चढूनी ने जोर देकर कहा कि इस समय किसानों के हित व्यक्तिगत अहंकार से ऊपर होने चाहिए। उन्होंने अनुपस्थित रहे संगठनों को अगली बैठक में अपने प्रतिनिधि भेजने का संदेश दिया है। किसान नेता डील के आर्थिक दुष्प्रभावों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं। वे किसी भी हाल में पशुपालकों और छोटे किसानों के हितों से समझौता करने को तैयार नहीं हैं।
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