गुजरात में होम लोन से जुड़े एक नए आंकड़े के अनुसार लोन खातों की संख्या में 9.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद वितरित की गई कुल ऋण राशि में 9.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के अनुसार यह संकेत देता है कि अब लोग कम लेकिन बड़े आकार के ऋण ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती संपत्ति कीमतों के कारण आवास खरीदना अधिक महंगा हो गया है। इसके चलते छोटे लोन लेने वाले उपभोक्ताओं की संख्या घट रही है। बड़े शहरों में रियल एस्टेट की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इससे मध्यम वर्ग पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। बैंकिंग सेक्टर में लोन पैटर्न में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आवासीय बाजार में मांग और कीमतों के बीच असंतुलन भी उभर रहा है। यह रुझान रियल एस्टेट सेक्टर में बदलती आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
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