जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जबलपुर खंडपीठ ने पुल की मरम्मत में हो रही देरी पर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने एमपीआरडीसी (MPRDC) से मरम्मत कार्य में विलंब के कारणों पर जवाब मांगा है। साथ ही रेलवे को भी मामले में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सुनवाई के दौरान पुल की खराब स्थिति और आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया गया। अदालत ने संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी और कार्यों की प्रगति पर सवाल किए। हाईकोर्ट ने समयबद्ध तरीके से मरम्मत कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मामले की अगली सुनवाई में संबंधित विभागों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। न्यायालय ने सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। पुल की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों और यात्रियों को लंबे समय से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब संबंधित विभागों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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