बालोद में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश देते हुए विशेषज्ञों ने कहा है कि अब केवल पानी बचाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भूजल स्तर बढ़ाने के लिए भी ठोस प्रयास जरूरी हैं। उनका कहना है कि कई क्षेत्रों में कुल वार्षिक वर्षा में बहुत अधिक कमी नहीं आई है, लेकिन बारिश के दिनों की संख्या लगातार घट रही है। पहले वर्षा कई दिनों तक धीरे-धीरे होती थी, जिससे पानी जमीन में समा जाता था, जबकि अब अधिकांश बारिश कम समय में तेज़ी से होने के कारण पानी बहकर निकल जाता है। ऐसे में वर्षा जल का अधिकतम संचयन और भूजल पुनर्भरण (रीचार्ज) अत्यंत आवश्यक हो गया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि वर्षा जल संचयन, सोख्ता गड्ढों, तालाबों और जल संरचनाओं के संरक्षण जैसे उपायों को प्राथमिकता दी जाए। इससे भविष्य में जल संकट को कम करने और भूजल संसाधनों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
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