कर्णप्रयाग गुरुद्वारा विवाद को लेकर पैदा हुआ तनाव अब पूरी तरह से समाप्त हो गया है। उत्तराखंड की ओर कूच कर रहे निहंग सिखों और राज्य प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद समाधान निकला। रात भर चली गहन चर्चा के उपरांत, सुबह 3:30 बजे निहंग सिख अपने कदम पीछे खींचने और वापस लौटने पर सहमत हो गए। यह पूरा मामला कुल्हाल बॉर्डर से शुरू होकर देहरादून और ऋषिकेश तक फैल गया था। विवाद के कारण जगह-जगह भारी पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेडिंग करनी पड़ी थी। इस स्थिति की वजह से कई क्षेत्रों में यातायात बाधित हुआ और लंबा जाम लग गया था। प्रशासन की सतर्कता और समय पर की गई बातचीत से एक बड़ा टकराव टल गया है। स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था भी सुचारू है। सरकार और निहंग प्रतिनिधियों की सूझबूझ ने विवाद को हिंसक होने से बचा लिया है। स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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