राघवेंद्र पटेल हत्याकांड मामले में पेंड्रा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस चर्चित मामले में एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि एक अन्य आरोपी काजल मन्ना घटना के पांच साल बाद भी फरार है। यह दुखद घटना जून 2021 की है, जब आरोपी ऋषि रैदास ने पिकनिक के बहाने राघवेंद्र को मरवाही क्षेत्र में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। जांच में पता चला कि ऋषि रैदास ने राघवेंद्र से 5 से 6 लाख रुपए उधार लिए थे और रकम वापस मांगने पर यह विवाद बढ़ा। आरोपी ने साजिश के तहत गमछे से गला घोंटकर राघवेंद्र की हत्या की और सबूत मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से कौशल सिंह ने मजबूती से तथ्य रखे। अदालत ने गवाहों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर ऋषि रैदास और रविशंकर श्रीवास्तव को दोषी माना। दोनों दोषियों को आईपीसी की धारा 302/34 और 120-बी के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा, धारा 201/34 के तहत दोषियों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी दी गई है।
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