उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित नगरासू गुरुद्वारा साहिब में चल रहा विवाद फिलहाल शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया है। गुरुद्वारे में मौजूद निहंगों ने चार दिन बाद वापस पंजाब लौटने का फैसला किया। गुरुद्वारे का प्रबंधन दोबारा संचालक बाबा बेअंत सिंह को सौंप दिया गया है। निहंगों ने कहा कि प्रशासन, सरकार और धार्मिक नेताओं के सहयोग से विवाद का समाधान निकाला गया। उन्होंने बताया कि उनके साथियों पर कोई कार्रवाई नहीं करने की शर्त स्वीकार होने के बाद वे नीचे उतर आए। हेमकुंड साहिब यात्रा पहले की तरह सुचारु रूप से जारी रहेगी। सरकार और पुलिस ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। विवाद के दौरान पुलिस, आईटीबीपी और पीएसी के जवान लगातार मौके पर तैनात रहे। प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद हालात सामान्य हुए। इस बीच दोनों पक्षों की एफआईआर की जांच हरिद्वार स्थानांतरित कर दी गई है ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। सिख श्रद्धालुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच डीआईजी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सरकार के कदमों का स्वागत किया। संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 27 जून तक धारा 163 लागू रहेगी।
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