दिल्ली के महरौली इलाके से मासूम बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म और हत्या करने वाले आरोपी का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। यह घटना मंगलवार रात को उस समय हुई जब दिल्ली पुलिस की एक टीम आरोपी को सीन सीन रिक्रिएशन के लिए मांडी गांव और उसके बाद गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित जंगलों में लेकर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस की पिस्तौल छीनकर भागने का प्रयास किया, जिसके जवाब में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी भी दी, लेकिन जब वह नहीं माना तो पुलिस को उसे रोकने के लिए जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। इस मुठभेड़ में पुलिस की एक गोली सीधे आरोपी बबलू के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और घायल हो गया। पुलिस ने तुरंत उसे कस्टडी में लिया और इलाज के लिए मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उसने सोमवार को 11 वर्षीय बच्ची का उस समय अपहरण किया था, जब वह अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सो रही थी। सुबह करीब 5:00 बजे एक कैब चालक वहां आया और सोते हुए मासूम को जबरन अपनी गाड़ी में उठाकर ले गया। सुबह करीब 7:00 बजे जब माता-पिता की आंख खुली, तो बच्ची को गायब पाकर उनके होश उड़ गए। सीसीटीवी फुटेज से दबोचा गया आरोपी
किडनेप की सूचना के बाद पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के रूट के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया. फुटेज के तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी कैब चालक को दबोच लिया। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय वासु उर्फ बबलू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। पूछताछ में कबूला जुर्म, गुरुग्राम के जंगल में फेंकी डेडबॉडी
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी कैब चालक बबलू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि अपहरण करने के बाद वह बच्ची को एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। पकड़े जाने के डर से उसने बच्ची की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के लिए उसकी डेडबॉडी को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड के पास घने जंगलों में फेंक दिया। प्राथमिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट में भी बच्ची के साथ हत्या से पहले यौन उत्पीड़न (दुष्कर्म) की पुष्टि हुई है।
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