कई बड़ी टेक कंपनियां कर्मचारियों के AI टूल इस्तेमाल को सीमित कर रही हैं। इसकी वजह AI सेवाओं की बढ़ती लागत बताई जा रही है। पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के CEO निकेश अरोड़ा ने इसे ‘AI बिजनेस मॉडल ट्रैप’ बताया है। उनके अनुसार मुफ्त AI सेवाएं देने के बाद कंपनियां एंटरप्राइज ग्राहकों से ज्यादा शुल्क ले रही हैं। इससे व्यवसायों के लिए AI अपनाना महंगा हो रहा है। अरोड़ा ने सुझाव दिया कि एंटरप्राइज के लिए AI टोकन की कीमतें कम की जानी चाहिए। उन्होंने कंपनियों को अपने डेटा का बेहतर उपयोग कर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाने की सलाह दी। उनके मुताबिक AI की असली क्षमता तभी सामने आएगी जब इसे व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने तेज सीखने वाले AI टूल्स विकसित करने पर भी जोर दिया। कई कंपनियां अब AI अपनाने और लागत नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। यह बहस AI के भविष्य और उसके व्यावसायिक मॉडल को लेकर नई चर्चा शुरू कर रही है।
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