भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का स्वागत किया है। उन्होंने इस समझौते को लेकर ‘सतर्क आशावाद’ व्यक्त करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई। डोभाल ने कहा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, क्षेत्र में शांति स्थापित होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। डोभाल ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक होगी। उन्होंने आर्थिक समृद्धि और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की संभावना भी जताई। BRICS बैठक में उन्होंने वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को जटिल और चुनौतीपूर्ण बताया। डोभाल ने कहा कि बहुपक्षीय संस्थानों की प्रभावशीलता लगातार कमजोर पड़ रही है। उन्होंने उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, BRICS समूह बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास और समन्वय बढ़ाने की वकालत की। डोभाल ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
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