छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पत्नी की हत्या से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मामला जशपुर जिले के ग्राम बेने चटकपुर का है। आरोपी पहरु राम को ट्रायल कोर्ट ने पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला हाई कोर्ट पहुंचा। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने मामले की विस्तृत सुनवाई की। अदालत ने घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि हत्या पूर्व नियोजित या साजिश के तहत नहीं की गई थी। अदालत के अनुसार आरोपी ने यह कृत्य अचानक गुस्से में आकर किया था। इसी आधार पर अपराध की प्रकृति को अलग दृष्टिकोण से देखा गया। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा में संशोधन किया। अदालत ने सजा को घटाकर 10 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया। इस फैसले को आपराधिक मामलों में परिस्थितियों के मूल्यांकन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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