लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस को अगले तीन महीनों के लिए एक स्पष्ट और आक्रामक राजनीतिक एजेंडा दिया है। रायपुर दौरे के दौरान पार्टी नेताओं के साथ मैराथन बैठक करते हुए उन्होंने प्रदेश में जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। राहुल गांधी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बस्तर, रायगढ़, तमनार और हसदेव जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक घरानों द्वारा जंगलों की कटाई और स्थानीय लोगों के विस्थापन के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से आंदोलन करे।
आगामी रणनीति के तहत खाद की किल्लत, नीट परीक्षा में अनियमितताएं और बढ़ती महंगाई को भी मुख्य मुद्दों में शामिल किया गया है। राहुल ने इन जन-मुद्दों पर एक ठोस रणनीति तैयार करने के लिए नेताओं को दो-ढाई साल का लक्ष्य दिया है। प्रशिक्षण शिविर के दौरान अनुशासन और संगठन की मजबूती पर विशेष जोर दिया गया। राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और उनकी टीम के कार्यों की सराहना की और सभी दिग्गजों को एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया। इस दौरे में राहुल की उमेश पटेल के साथ हुई 15 मिनट की लंबी व्यक्तिगत चर्चा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रही है, जिसके बाद उन्हें किसी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। आगामी तीन महीनों के निरंतर अभियानों के बाद राहुल गांधी की छत्तीसगढ़ में एक बड़ी यात्रा और रायपुर में विशाल कार्यक्रम प्रस्तावित है।
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