सुप्रीम कोर्ट ने बैंक, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARC) और कर्जदारों के बीच कथित ‘गठजोड़’ को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि उनकी प्राथमिक चिंता सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को लेकर है, जिसे सार्वजनिक कल्याण में इस्तेमाल किया जाना चाहिए था। न्यायालय ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। यह मामला एक ऐसी याचिका से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 1,537 करोड़ रुपये के कर्ज को दो एआरसी के जरिए केवल 73.50 करोड़ रुपये में सेटल कर दिया गया। अदालत ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और बड़े पैमाने पर सरकारी खजाने को हुए नुकसान पर स्पष्टीकरण मांगा है।
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