मुख्यमंत्री ने 1978 के निरंकारी-सिख टकराव को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने इस घटना के लिए तत्कालीन नेता प्रकाश सिंह बादल को जिम्मेदार ठहराया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों और प्रशासनिक निर्णयों के कारण तनाव बढ़ा, जिसका असर बाद में हिंसक झड़पों के रूप में सामने आया। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में फिर से इस ऐतिहासिक घटना पर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि ऐतिहासिक घटनाओं की सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह मामला एक बार फिर पंजाब के राजनीतिक इतिहास और पुरानी घटनाओं को लेकर चर्चा में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मुद्दे मौजूदा राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल इस बयान के बाद दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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