दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को हटाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास ऐसे मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार है और वह आवश्यक परिस्थितियों में प्लेटफॉर्म पर रोक भी लगा सकती है। यह मामला पेपर लीक और साइबर अपराधों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। अदालत ने माना कि सार्वजनिक हित और सुरक्षा के आधार पर लिया गया यह निर्णय उचित है। याचिकाकर्ताओं ने प्रतिबंध हटाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। इस फैसले को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नियमन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्णय अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए भी एक संकेत माना जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। फिलहाल टेलीग्राम पर लगा अस्थायी प्रतिबंध जारी रहेगा। यह मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के नियंत्रण और जिम्मेदारी पर बहस को भी आगे बढ़ा रहा है।
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