कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार और वर्चस्व को लेकर हुई खूनी रंजिश में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। पूर्व जनपद अध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की कार को आग के हवाले कर जिंदा जला दिया गया, जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह और साथी वीरेंद्र सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह संघर्ष लल्ला सिंह के परिवार और मनोज त्रिपाठी के परिवार के बीच रेत निकासी व अवैध वसूली को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद का परिणाम था। घटना से पहले दोपहर में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसका बदला लेने और समझौता करने के लिए लल्ला सिंह अपने साथियों के साथ नवगई गांव पहुंचे थे। वहां पहले से घात लगाए बैठी हिंसक भीड़ ने उन्हें घेर लिया और इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। फोरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि कार में आग शॉर्ट-सर्किट से नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लगाई गई थी। पुलिस ने हत्या, आगजनी और हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब तक मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य पांच फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। लल्ला सिंह का पूर्व वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव के करीबी होने के कारण इस हत्याकांड ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है।
Source: Source