G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर विस्तृत चर्चा हुई। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने उम्मीद जताई कि यह समझौता वर्ष के अंत तक अंतिम रूप ले सकता है। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। वार्ता में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की प्रगति पर भी विचार-विमर्श हुआ। नेताओं ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। परियोजना से व्यापार, परिवहन और आपूर्ति श्रृंखलाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। बैठक में वैश्विक आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। भारत और यूरोपीय संघ ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। नेताओं ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की दिशा में हुई समझ को भी सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने क्षेत्र में स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। G7 सम्मेलन के दौरान भारत और यूरोपीय साझेदारों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत हुई। दोनों पक्ष भविष्य में सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दिए।
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