पंजाब की एक महिला, जो एक दिवंगत सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी है, ने पारिवारिक पेंशन को लेकर कानूनी लड़ाई जीत ली है। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि उसे पूरी यानी 100% फैमिली पेंशन का अधिकार है। राज्य सरकार ने उसकी पेंशन को 50% तक सीमित करने का तर्क दिया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि महिला ही दिवंगत कर्मचारी की एकमात्र जीवित विधवा है, इसलिए उसे पूर्ण पेंशन मिलनी चाहिए। न्यायालय ने कहा कि नियमों की व्याख्या गलत तरीके से की गई थी। यह फैसला पेंशन अधिकारों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वास्तविक कानूनी उत्तराधिकारी को ही पूरा लाभ मिलना चाहिए। इस निर्णय से समान मामलों में भी प्रभाव पड़ सकता है। मामले में राज्य की दलीलें स्वीकार नहीं की गईं। यह फैसला सेवा नियमों की व्याख्या को लेकर अहम मिसाल बन सकता है।
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