एक IIT ग्रेजुएट ने अपने ₹25 लाख वार्षिक पैकेज को लेकर अनुभव साझा करते हुए बताया कि वास्तविक पहली सैलरी अपेक्षा से काफी कम रही। उन्होंने कहा कि नौकरी मिलने के बाद CTC और इन-हैंड सैलरी के बीच बड़ा अंतर समझ में आया। टैक्स, प्रोविडेंट फंड और अन्य कटौतियों के कारण हाथ में आने वाली राशि काफी कम हो जाती है। इस अनुभव ने फ्रेश ग्रेजुएट्स के बीच CTC को लेकर बनी गलतफहमियों को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि कई छात्र केवल कुल पैकेज देखकर उसे वास्तविक आय मान लेते हैं। पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर नौकरी के पैकेज और वास्तविक वेतन संरचना को लेकर बहस शुरू हो गई है। कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कंपनियां अक्सर CTC को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जॉब ऑफर समझते समय इन-हैंड सैलरी पर अधिक ध्यान देना चाहिए। यह मामला करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सीख के रूप में देखा जा रहा है। फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
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