अंबिकापुर में सरकारी और निजी स्कूलों में दैनिक प्रार्थना गतिविधियों को अनिवार्य करने के राज्य सरकार के आदेश पर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने इस आदेश पर पुनर्विचार की मांग करते हुए सरगुजा कलेक्टर को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रकोष्ठ का कहना है कि स्कूलों में लागू किए गए प्रार्थना नियम धार्मिक आस्थाओं से जुड़े होने के कारण देश की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई और अव्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय ऐसे आदेशों के जरिए शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना होना चाहिए। उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दों से जोड़कर शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करने का आरोप लगाया। अंबिकापुर शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह धंजल ने भी सरकार की नीति पर सवाल उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वाले दल में कई कांग्रेस पदाधिकारी शामिल रहे। कांग्रेस ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में अनुचित हस्तक्षेप बताया है।
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