छत्तीसगढ़ के रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में एक नए घोटाले का मामला सामने आया है। धमतरी जिले के ग्राम सिवनीकला में 19 खसरों को कथित तौर पर 92 हिस्सों में विभाजित कर करोड़ों रुपये का मुआवजा लिया गया। आरोप है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में स्थानीय प्रभावशाली लोग, राजस्व विभाग के अधिकारी और कुछ राजनीतिक व्यक्तियों की मिलीभगत रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अनियमितता के बावजूद अब तक किसी भी जांच एजेंसी ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। न तो एंटी करप्शन ब्यूरो और न ही प्रवर्तन निदेशालय ने इसकी जांच शुरू की है। पीड़ित ग्रामीणों ने एक बार फिर ईडी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। मामले को लेकर क्षेत्र में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। यह मामला सरकारी परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
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