केपीएमजी ने अपनी वैश्विक ‘Agentic AI’ रिपोर्ट वापस ले ली है, जिसमें कई कंपनियों ने अपने नाम और उपलब्धियों को लेकर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में यूबीएस और एनएचएस जैसी संस्थाओं से जुड़े दावों को गलत या मनगढ़ंत बताया गया है। आरोप है कि रिपोर्ट में कुछ जानकारियां एआई द्वारा ‘हैलुसिनेशन’ के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत की गई थीं। केपीएमजी ने स्वीकार किया है कि उसके कर्मचारियों से इस तरह की त्रुटियों को पकड़ने में चूक हुई। इसके बाद कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। यह जांच एआई उपयोग से जुड़े दिशानिर्देशों के उल्लंघन की संभावनाओं पर केंद्रित है। इस घटना ने कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग में एआई के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई-जनित कंटेंट की जांच और सत्यापन बेहद जरूरी है। मामले के बाद कई संगठनों ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है।
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