इनकम टैक्स और जीएसटी अदा करने के मामले में गुरुग्राम के बाद रेवाड़ी प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला बन गया है। 3271 करोड़ जीएसटी संग्रह देकर यह मुकाम हासिल किया है। बावल आईएमटी उत्तर भारत का सबसे बड़ा ऑटो हब बनकर उभरा है। 2924-25 में प्रदेश का CESS (मूल कर की राशि पर लगाया जाने वाला एक अतिरिक्त कर) करीब 22 प्रतिशत बढ़ा। रेवाड़ी का 23.17 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 1144.37 करोड़ हुआ था। मार्च 2026 में CESS 159 प्रतिशत बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में 3427.25 करोड़ का संग्रह किया था। आज 48289 करोड़ SGST रिर्टन के साथ हरियाणा देश में टॉप पर है। आधे से अधिक में गुरुग्राम प्रदेश में होने वाले जीएसटी संग्रह में अकेले गुरुग्राम का हिस्सा 50 प्रतिशत से अधिक रहता है। अब दूसरे स्थान पर रेवाड़ी ने कब्जा कर लिया। फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत भी प्रदेश में जीएसटी संग्रह देने वाले टॉप जिलों में शामिल माने जाते हैं। ऐसे जानिए जिलों की भूमिका स्टेट्स के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने कहा कि 3427.25 करोड़ का संग्रह देकर रेवाड़ी प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। बावल आईएमटी ने ऑटो हब के रूप में खास पहचान बनाइै है। यह उपलब्धी उद्यमियों, व्यापारियों और आमजन के सहयोग से मिल पाई है। स्टेट्स बदलने के साथ अब हम सभी की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। उद्यमियों और व्यापारियों को कई सुविधाएं दे रही हैं। 28 सितंबर तक वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का लाभ दिया जाएगा। पहले 1,15,223 व्यापारियों ने इस योजना का लाभ उठाया था। एक लाख तक बकाया स्वत: माफ हो जाएगा और दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। MSME- स्टार्टअप सेल चलाने, GST सुविधा केंद्र, महीनें में एक बार टैक्स बार की बैठक और कार्यदिवस पर प्रतिदिन एक घंटे दफ्तर में ओपन सुनवाई की जाती है।
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