सोशल मीडिया पर चर्चित एक युवती और उसके पति द्वारा दायर याचिका पर इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिका में मौजूद दस्तावेजी खामियों पर गंभीर रुख अपनाया। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आवश्यक त्रुटियां दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में सभी जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी की जाएं। दंपति ने अदालत के समक्ष दावा किया कि उनकी शादी पूरी तरह वैध और कानूनी रूप से मान्य है। उन्होंने अपने वैवाहिक संबंध को लेकर उठाए गए सवालों का भी जवाब प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले के तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा की। अदालत ने फिलहाल मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। न्यायालय ने पहले दस्तावेजी कमियों को दूर करने को प्राथमिकता दी है। निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार किए जाने के बाद मामले पर आगे सुनवाई होगी। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसके चलते लोगों की नजरें न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। हाईकोर्ट का रुख यह दर्शाता है कि कानूनी मामलों में दस्तावेजों की शुद्धता और प्रक्रिया का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगले चरण की सुनवाई में मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जा सकता है।
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