ऋषभ पंत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच का रुख बदलने की क्षमता के कारण उन्होंने विशेष पहचान बनाई है। पिछले कुछ वर्षों में उनके सीमित ओवरों के प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान लगातार मजबूत बना हुआ है। पंत ने कई कठिन परिस्थितियों में भारत को यादगार जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विदेशी दौरों पर उनकी साहसिक पारियां उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग पहचान देती हैं। विकेटकीपर के रूप में भी उन्होंने टीम को संतुलन और अतिरिक्त मजबूती प्रदान की है। क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि उनकी खेल शैली आधुनिक टेस्ट क्रिकेट की मांगों के अनुरूप है। यदि वह फिटनेस, निरंतरता और प्रदर्शन का स्तर बनाए रखते हैं तो उनके पास महान खिलाड़ियों की श्रेणी में शामिल होने का अवसर है। उनकी उपलब्धियों की तुलना अब भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों से की जाने लगी है। सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ियों की विरासत तक पहुंचना आसान नहीं है, लेकिन पंत में वह क्षमता दिखाई देती है। आने वाले वर्षों में उनका प्रदर्शन तय करेगा कि वे केवल एक स्टार खिलाड़ी रहेंगे या आधुनिक युग के टेस्ट क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में अपनी जगह बना पाएंगे। फिलहाल उनके करियर की दिशा इस संभावना को मजबूत करती नजर आती है।
Source: Source