छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दूरस्थ गांव गौवरदण्ड में सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शिविर में जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल, हर घर जल’ की उपलब्धियां बताई जा रही थीं। इसी दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीणों ने कहा कि उनके घरों में पिछले 10 वर्षों से नलों में एक बूंद पानी नहीं आया है। इस पर लोग मंच के पास पहुंचकर विरोध करने लगे और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पीएचई विभाग के इंजीनियर ने विभाग का पक्ष रखा, लेकिन विरोध और तेज हो गया। स्थिति को देखते हुए एसडीएम अभिजीत मंडावी ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लिया। एसडीएम ने पीएचई अधिकारी को फटकार लगाई और 7 दिनों में जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखना चाहिए, केवल कागजों में नहीं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि तय समय में समस्या का समाधान होगा।
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