हरियाणा के रेवाड़ी जिले में मंगलवार को आए भीषण आंधी-तूफान के चार दिन बाद भी बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। लगभग 90 घंटे बीत जाने के बावजूद कई गांवों में बिजली गुल है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली विभाग के तमाम दावों के बावजूद बावल और कोसली क्षेत्र के दर्जनों गांवों में अभी भी अंधेरा छाया हुआ है। इस संकट के कारण पेयजल की भारी किल्लत हो गई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। पिछले दो दिनों में बावल और तिहाड़ा में ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर जाम लगाया और अधिकारियों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया। जिले में लगभग 650 बिजली के खंभे और 35 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे, जिन्हें ठीक करने का काम जारी है, लेकिन लगातार बदलता मौसम इस प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है। शाम के समय अचानक तेज हवाओं और बूंदाबांदी के कारण मरम्मत कार्य में कठिनाई आ रही है। बिजली के अभाव में छोटे-मोटे व्यवसाय और पशुपालन से जुड़ी गतिविधियां भी ठप हो गई हैं। अधिकारी स्थिति को जल्द सामान्य करने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर अभी भी सुधार की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि न केवल बिजली बहाल हुई है, बल्कि तूफान से गिरे मलबे और बंद रास्तों को भी पूरी तरह साफ नहीं किया गया है।
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