फतेहाबाद जिले के रतिया नगरपालिका में चेयरपर्सन प्रीति खन्ना के खिलाफ राजनीतिक संकट गहरा गया है। शहर के 14 पार्षदों ने एकजुट होकर चेयरपर्सन के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है। पार्षदों का मुख्य आरोप है कि चेयरपर्सन प्रशासन को सही ढंग से नहीं चला पा रही हैं, जिससे शहर का विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। पार्षदों ने चेयरपर्सन पर भेदभावपूर्ण व्यवहार अपनाने का भी आरोप लगाया है। बता दें कि प्रीति खन्ना ने 2022 का चुनाव निर्दलीय जीता था, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। हरियाणा नगर पालिका अधिनियम 1973 की धारा 17ए के तहत 2 जून को अविश्वास प्रस्ताव के लिए लिखित आवेदन दिया गया था। निर्धारित समय में बैठक न बुलाए जाने से नाराज पार्षदों ने शुक्रवार को डीसी से मिलकर पुनः गुहार लगाई है। इससे पहले पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फतेहाबाद के डीसी ने पार्षदों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एडीसी को निर्देश जारी कर दिए हैं। जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक की तारीख तय की जाएगी। वार्ड-1 से लेकर वार्ड-17 तक के कई पार्षद इस मांग में शामिल हैं। यह स्थिति स्थानीय निकाय में सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं को प्रबल कर रही है।
Source: Source