कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की रिव्यू मीटिंग के बाद संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन और संगठनात्मक कार्यों को लेकर रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई है। बैठक में स्थानीय नेताओं, विधायकों और जिलाध्यक्षों के बीच चल रही गुटबाजी पर भी चर्चा हुई। कई जिलों में पार्टी कार्यक्रमों में नेताओं की आपसी दूरी और असहयोग की स्थिति सामने आई है। सिरसा और हिसार में गुटबाजी को लेकर विशेष चिंता जताई गई। प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि सभी नेता और विधायक संगठन के कार्यक्रमों में सहयोग करें और एकजुटता बनाए रखें। बैठक में यह भी सामने आया कि जिला कार्यकारिणी के नामों की सूची भेजी गई है, लेकिन उस पर अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। कुछ जिलाध्यक्षों ने अपनी समस्याएं भी खुलकर रखीं और संगठन को मजबूत करने की बात कही। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जिलाध्यक्ष बदलने का कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। आगामी रिव्यू रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
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