केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि अगले साल तक एक-दो राज्यों को छोड़कर पूरा पूर्वोत्तर भारत AFSPA से मुक्त हो सकता है। यह बयान उन्होंने असम और नागालैंड सरकारों के साथ तेल और खनिज अन्वेषण के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के दौरान दिया। गृह मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में शांति और विकास को नई गति मिली है। 2019 से अब तक क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक शांति समझौते किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और हिंसक घटनाओं में 80 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि AFSPA के दायरे में आने वाला कुल भौगोलिक क्षेत्र भी 80 प्रतिशत तक कम हो गया है। केंद्र सरकार क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शांति समझौतों के कारण अब विकास कार्यों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। गृह मंत्री ने इस प्रगति को पूर्वोत्तर के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव बताया। आने वाले समय में बचे हुए क्षेत्रों से भी AFSPA हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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