केंद्र सरकार ने अधिक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को एक्साइज ड्यूटी से छूट दी गई है। इस फैसले से ऐसे ईंधन की कीमतों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। इससे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है। इससे पहले E85 ईंधन की कीमतों में भी राहत दी जा चुकी है। नए निर्णय को उपभोक्ताओं और ईंधन क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जाता है। इसके उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने का लक्ष्य भी जुड़ा हुआ है। सरकार लंबे समय से इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। इस नीति से कृषि क्षेत्र को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है क्योंकि इथेनॉल उत्पादन में कृषि आधारित कच्चे माल का उपयोग होता है। उद्योग जगत ने इस फैसले का स्वागत किया है। आने वाले समय में उच्च इथेनॉल मिश्रित ईंधन की उपलब्धता और मांग बढ़ सकती है। सरकार का मानना है कि यह कदम ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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