Microsoft AI के CEO मुस्तफा सुलेमान ने अपने पहले दिए गए उस बयान से दूरी बना ली है जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाले 12 से 18 महीनों में ज्यादातर व्हाइट-कॉलर काम पूरी तरह ऑटोमेट हो सकते हैं। उन्होंने The Verge के Decoder पॉडकास्ट में स्पष्ट किया कि उनका मतलब नौकरियों के खत्म होने से नहीं था, बल्कि काम के कई हिस्सों के ऑटोमेशन से था। उनके अनुसार वकील, अकाउंटेंट और प्रोजेक्ट मैनेजर जैसी भूमिकाएं समाप्त नहीं होंगी, बल्कि उनमें AI की मदद से कार्य करने का तरीका बदलेगा। यह बयान AI के कारण बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म होने की आशंकाओं के बीच आया है। हाल के समय में अन्य टेक लीडर्स ने भी इसी तरह अपने पहले किए गए दावों में संशोधन किया है। इनमें सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोडेई जैसे नाम शामिल हैं। इस चर्चा ने AI और रोजगार के भविष्य को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि AI अधिकतर कामों को बदल देगा, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं करेगा। यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर तकनीक और रोजगार नीति पर असर डाल रहा है।
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