उत्तर प्रदेश की युवा शतरंज खिलाड़ी सुभी गुप्ता ने कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। वर्तमान में वह भारत की शीर्ष रैंकिंग वाली जूनियर बालिका शतरंज खिलाड़ी हैं और विश्व रैंकिंग में भी अग्रणी स्थान पर पहुंच चुकी हैं। उनके सफर में कई उतार-चढ़ाव आए, जिनमें एक गंभीर दृष्टि संबंधी समस्या भी शामिल थी। एक विदेशी टूर्नामेंट के दौरान आंखों की परेशानी ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया था। इसके अलावा प्रतिस्पर्धी निराशाओं और मानसिक दबावों से भी उन्हें जूझना पड़ा। इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। सुभी ने राष्ट्रीय और विश्व स्तर की कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में खिताब अपने नाम किए। शतरंज के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें देश की सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण नॉर्म हासिल कर उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। अब उनका लक्ष्य शतरंज जगत के सबसे प्रतिष्ठित खिताबों और उपलब्धियों को हासिल करना है। सुभी की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है।
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