मध्य प्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले से आदिवासी भूमि विवाद का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने खनन माफिया पर दबाव बनाकर जमीन कब्जाने के आरोप लगाए हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र का दौरा किया। अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। प्रशासन की ओर से जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि अधिकारियों के लौटने के बाद ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उनका आरोप है कि लंबे समय से शिकायतें करने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र में खनन गतिविधियों और भूमि विवाद को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर वास्तविक कार्रवाई चाहिए। यह मामला आदिवासी अधिकारों, भूमि संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।
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