भारत में सोने के आयात पर बढ़ते खर्च के बीच वित्त मंत्रालय ने बैंकों से गोल्ड मेटल लोन से जुड़ी जानकारी मांगी है। यह कदम सोने के आयात और उससे जुड़े वित्तीय प्रवाह की समीक्षा के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात 721 टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम था। इसके बावजूद देश का सोना आयात बिल 24 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 71.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया। आयात लागत में हुई इस वृद्धि ने नीति निर्माताओं का ध्यान आकर्षित किया है। गोल्ड मेटल लोन का उपयोग ज्वेलरी उद्योग और संबंधित व्यवसायों द्वारा किया जाता है। मंत्रालय इस क्षेत्र में ऋण प्रवाह और उसके प्रभाव का आकलन करना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते आयात बिल का असर चालू खाते के संतुलन पर पड़ सकता है। सरकार सोने की मांग और आयात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार कर सकती है। बैंकों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की नीतिगत समीक्षा की जा सकती है। वित्तीय और आर्थिक दृष्टि से सोने का आयात भारत के लिए महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। बाजार से जुड़े पक्ष भी सरकार के अगले कदमों पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में नए नियामकीय या नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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