प्रसिद्ध कलाकार माइकलएंजेलो का मानना था कि सुंदरता का जन्म अनावश्यक तत्वों को हटाने से होता है। उनका प्रसिद्ध कथन, ‘Beauty is the purgation of superfluities’, इसी विचार को व्यक्त करता है। उन्होंने अपनी मूर्तियों और कलाकृतियों में इस सिद्धांत को व्यवहार में उतारा था। उनके अनुसार किसी भी रचना की वास्तविक खूबसूरती तब सामने आती है जब उसमें से अतिरिक्त और गैरजरूरी चीजों को हटा दिया जाए। यह विचार आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक माना जाता है। वर्तमान दौर में जहां अधिक पाने और अधिक जोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, वहां यह संदेश सादगी और स्पष्टता का महत्व बताता है। जीवन में अनावश्यक बोझ, विचारों और वस्तुओं को कम करने से मानसिक शांति प्राप्त हो सकती है। यह सिद्धांत व्यक्तिगत विकास और आत्मचिंतन में भी मददगार माना जाता है। कम लेकिन सार्थक चीजों पर ध्यान केंद्रित करने से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। माइकलएंजेलो का यह विचार हमें जीवन में संतुलन और स्पष्ट सोच अपनाने की प्रेरणा देता है। उनका संदेश बताता है कि वास्तविक मूल्य अक्सर सादगी में छिपा होता है। आज का यह प्रेरक विचार लोगों को अपने जीवन में आवश्यक और अनावश्यक के बीच अंतर समझने की सीख देता है।
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