सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में रुपया 95.35 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव रुपये पर देखने को मिला। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। रुपये की यह कमजोरी पिछले कारोबारी सत्र में आई मजबूती के बाद दर्ज की गई है। शुक्रवार को रुपये ने डॉलर के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़त हासिल की थी। हालांकि नए सप्ताह की शुरुआत में वैश्विक परिस्थितियों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। निवेशकों की नजर अब अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति को लेकर भी बाजार में उत्सुकता बनी हुई है। ब्याज दरों से जुड़े संकेत वैश्विक मुद्रा बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपये की चाल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और तेल कीमतों पर काफी हद तक निर्भर रहेगी।
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